रुमेटॉइड आर्थराइटिस गठिया

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आजकल की जीवनशैली में जिस तरह से काम और तनाव बढ़ते जा रहे है लोगों की सेहत पर इसका काफी असर पड़ रहा है। थकान, हाथ-पैरों में सूजन, दर्द, और अकड़न जैसे असामान्य समस्या बढ़ने के कई कारणों में से एक रुमेटॉइस आर्थराइटिस भी हो सकता है।

रुमेटॉइड गठिया को (Autoimmune Disease) की श्रेणी में रखा गया है। इस स्थिति में रोग प्रतिरोधक क्षमता (Immune System) गलती से आपके जोड़ों के ऊतकों (tissues) पर आक्रमण कर उन्हें कमजोर करते है। जिसके कारणवश हाथों और पैरों में सूजन और दर्द बना रहता है। किसी किसी को शरीर में अकड़न और कमजोरी भी लग सकती है। रुमेटॉइड आर्थराइटिस बीमारी में हड्डियों की समस्या के साथ साथ हड्डियों का Degeneration अर्थात क्षय या विरलीकरण होने लगता है।

RA का पूर्णतः ठीक हो पाना संभव नहीं है किंतु दैनिक जीवन में कुछ बदलाव करने से इसे बेहतर किया जा सकता है। जेनेरिक आयुर्वेद में बहुत हद तक इसका इलाज मुमकिन है।

रुमेटॉइड आर्थराइटिस गठिया: लक्षण

इसमें रोग प्रतिरोधक क्षमता सीधे शरीर में जोड़ो की हड्डियों और ऊतकों पर हमला कर उसे कमजोर करते है। कुछ विशेष लक्षणों के होने पर रूमेटिस गठिया के कारक का पता चलता है।

  • लगातार जोड़ों में दर्द एवं सूजन का बने रहना, शारिरिक दुर्बलता या कमजोरी का महसूस होना।
  • सुबह‌ के समय शरीर में अकड़न,कलाई, घुटनों हाथों पैरों में दर्द या दुर्बलता की शिकायत रहना।
  • जोड़ो में गर्माहट या बुखार का लगना।
  • दिनचर्या के काम करने में असहाय महसूस होना, भारी सामान या वजन उठाने में मुश्किल होना।
  • सारा दिन थकान महसूस होना। शरीर के हिस्सों में सूजन और लाल चक्कते जैसा दिखना।
  • हाथों और पैरों को हिलाने में मुश्किल होना।
  • पैरों या हाथों का नम होना या बार बार
    सुन्नता/ झुनझुनी का होना।
  • हड्डियों के साथ साथ यह आंखों, त्वचा और फेफड़ों को भी नुकसान पहुंचा सकता है।

रूमेटाइड गठिया के लक्षण   के दिखने पर तुरंत डॉक्टर की सलाह ले। खून की जाँच और एक्स रे से भी कि इसका पता चल सकता है। इसके लिए दवाएं उपलब्ध है,जिसके सेवन से  रूमेटाइड गठिया को नियंत्रित किया जा सकता है।

रुमेटॉइड आर्थराइटिस गठिया: कारण

लंबे अवधि तक चलने वाली रूमेटाइड गठिया का कारण दोनों ही हो सकते है।

  • आनुवंशिकता ये पीढ़ी दर पीढ़ी भी होता है,परिवार में किसी को ये समस्या होने पर इस बीमारी के होने का खतरा बढ़ सकता है।
  • उम्र के साथ रोग प्रतिरोधक क्षमता कम होने लगती है तब भी इसके होने की संभावना और भी ज्यादा हो सकते है।
  • अत्यधिक मोटापा भी इसके होने का कारक हो सकता है।
  • पुरुषों की तुलना में महिलाओं में यह समस्या ज्यादा आम है। एक उम्र के बाद महिलाओं में अक्सर होने लगता है और मांसपेशियां ढीली पड़ने लगती है ऐसे में भी इसके होने के कारण बढ़ सकते है।
  • महिलाओं में की कारण से भी रूमेटाइड गठिया के होने की संभावना रहती।
  • किसी लम्बी बीमारी या बुखार के चलते या किसी संक्रमण रोग होने के कारण रूमेटाइड गठिया हो सकता है।
  • यह सबसे महत्वपूर्ण कारकों में से एक है, तम्बाकू और शराब का सेवन। इसके कारण रुमेटॉइड गठिया की ज्यादा तेज़ी से बढ़ने की आशंका होती है।
  • वायु प्रदूषण से और पर्यावरण में फैली किसी ज़हरीली गैस से, किसी रसायन पदार्थ के संपर्क में आने से के होने की संभावना रहती है।
  • लंबे अरसे से किसी मानसिक तनाव के चलते रुमेटॉइड गठिया के लक्षण बढ़ जाते हैं और यह मौजूदा स्थिति को प्रभावित करता है उसे बढ़ा देता है। तनाव से कोर्टिसोल जैसे स्ट्रेस हार्मोन का स्तर बढ़ जाता है, जो कि  हड्डियों को प्रभावित कर सकते है और सूजन को बढ़ा सकता है।

रुमेटॉइड आर्थराइटिस गठिया: परीक्षण

Ayurvedic treatment for Rheumatoid Arthritis at Vaidya Healthcare Ayurveda

रुमेटॉइड गठिया का पता चलते ही इसकी जाँच समय समय पर करवाना चाहिए एक्स रे X Ray, सी टी स्कैन CT scan और अल्ट्रासाउकड ultrasound द्वारा इसकी स्थिति का पता लगाया जा सकता है।

रूमेटाइड गठिया का निवार्ण सही परीक्षण diagnose से किया जा सकता है।

खून की जाँच से भी की गंभीरता का पता किया जा सकता है। स्क्त परिक्षण में रुमेटाइड फैक्टर और एन्टी सी सी पी की जाँच शामिल है।

रूमेटाइड गठिया रक्त परीक्षण ऑटो इम्यून सिस्टम से लड़ने वाले प्रोटीन की मात्रा को मापता है और एन्टीबाड़ी की पहचान करवाता है।

इसके अतिरिक्त एरिथ्रोसाइट सेडिमेंटेशन रेट और सी-रिएक्टिव प्रोटीन जैसे रूमेटाइड गठिया रक्त परीक्षण से सूजन की जटिलता और  ऑटो इम्यून संरक्षक का पता कर बीमारी की गंभीरता का अवलोकन किया जाता है।

The Best Doctor for Rheumatoid Arthritis

के इलाज के लिए बेहतर है कि से ही अपना इलाज करवाए यह रूमेटाइड गठिया के विशेषज्ञ होते है। सही और प्राथमिक उपचार के लिए तुरंत किसी अच्छे से सलाह ले।

किसी अनुभवी से ही अपना इलाज करवाएँ । जो आपकी बीमारी को महत्त्व दे और आपकी जटिल समस्या को समझकर इसका निदान करे। इसके लिए आप का चयन  में भी परामर्श लेकर कर सकते है।

यहां डॉक्टर आप की समस्या को समझ कर जेनेरिक आयुर्वेद की मदद से आपके रूमेटाइड गठिया का इलाज करते है।

आयुर्वेद थेरपी पंचकर्म जैसे प्रकृति तरीकों और प्रकृति दवा से बीमारी का उपचार किया जाता है।

रुमेटॉइड आर्थराइटिस गठिया: परीक्षण एवं उपचार

इसे पूर्णतः खत्म नहीं किया जा सकता है परंतु द‌वाओं से इसे रोका या कम किया जा सकता है।

  • रोग संशोधित दवाएँ यह उपचार रूमेटाइड गठिया की  तीव्रता को धीमा कर शरीर और हड़‌डियों में होने वाले नुकसान को रोक सकता है।
    कुछ जगहों पर जैविक एजेंट का भी इस्तमाल किया जाता है।
  • दर्द निवारक दवाएँ कुछ समय के लिए होने वाले दर्द को कम करती देती है।
  • नियमित तौर पर व्यायाम करे।
  • फिजियोथेरेपी और नेचुरोपैथी से भी इसका इलाज संभव है और यह काफी कारगर साबित हुए है।

रूमेटाइड गठिया आमवात से होने वाली बीमारी है जिसका इलाज आयुर्वेद में संभव हो सका है। वैद्य हेल्थ केयर है,जहां holistick समग्र रूप से उपचार किया जाता है। बीमारी की सही जाँच के बाद आयुर्वेदिक दवा और नेचुरोपैथी जैसे तरीकों से रूमेटाइड गठिया का उपचार treatment किया जाता है।

आहार और व्यायाम

क्या खाएं

  • साबूत दाल,अनाज जैसे संतुलित आहार का सेवन करे
  • फल और सब्जियों का अधिक मात्रा में सेवन करना लाभकारी होता है।
  • ओमेगा-3 की मात्रा खाने में शामिल करे ये खासतौर पर मछलियों में पाया जाता है।
  • सूखे मेवे पिस्ता बादाम और अखरोट खाना भी लाभकारी होता है।

क्या न खाएं

  • अत्यधिक नमक, तले और मसालेदार, खाने का सेवन न करे ।
  • अन आवश्यक तौर पर चीनी और कार्बोहाइड्रेट न खाएं या इनकी मात्रा कम कर दे।
  • डेरी उत्पाद का सेवन भी नियंत्रित मात्रा में करे।
  • शराब और तंबाकू का सेवन न करे।

नियमित तौर पर व्यायाम करे योग,सैर और कसरत से जोड़ों  और मांसपेशियों में ऊर्जा का प्रवाह होता है और ताकत और स्फूर्ति आती है। खानपान में सावधानी बरतने से, संतुलित आहार नियमित रुप से व्यायाम करने  से रूमेटाइड गठिया को नियंत्रण में रखा जा सकता है। दैनिक जीवन में संतुलित आहार व्यायाम exercise आपके रूमेटाइड गठिया को करने में कारगर है।

निष्कर्ष

रूमेटाइड आर्थराइटिस गठिया एक हानिकारक और दीर्घकालीन स्थिति है, परंतु सही इलाज और जीवन शैली में कुछ बदलाव से इसे ठीक तरह से काफी हद तक बढ़ने से रोका जा सकता है। अगर आप किस भी तरह के लक्षण महसूस करते है तो डॉक्टर की सलाह ले और अपने इलाज के लिए वैद्य हेल्थ केयर से संपर्क करें।

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Vaidya Healthcare Kochi
Vaidya Healthcare Ayurveda in Perumbavoor, Kerala, is a NABH-accredited center that excels in traditional Ayurvedic treatments. Our diverse offerings include Panchakarma, Ayurvedic massages, spinal rehabilitation, acupuncture, and yoga therapy, supplemented by effective naturopathy treatments.

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